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24 मार्च विशेष : विश्व क्षय रोग दिवस।

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ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) संक्रमण से फैलने वाला वह रोग है जो आम तौर पर मरीज़ के फेफड़ों को प्रभावित करता है, यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी बिमारी है जो प्रतिवर्ष विश्व भर में सबसे ज़्यादा मृत्यु का कारण बनती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनिया भर के देशों को 2030 तक क्षय रोग मुक्त करने का लक्ष्य दिया है तथा इसके बारे में लोगों को जागरूक करने तथा इस भयंकर विपदा से निबटने के लिए प्रतिवर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस (WORLD TUBERCULOSIS DAY) मनाया जाता है।
टीबी एक संक्रामक रोग है जिसका संक्रमण Mycobacterium Tuberculosis नामक बैक्टेरिया से होता है। फेफड़ों को प्रभावित करने वाला यह रोग वहीँ तक सीमित नही रहता बल्कि इसके साथ ही मष्तिस्क, हड्डियों, जोड़ों, आंतों, गुर्दे, त्वचा यहां तक की हृदय को भी प्रभावित करता है, इसे तपेदिक, ट्यूबरक्लोसिस,राजयक्ष्मा आदि नामों से भी जाना जाता है।





क्षय रोग के लक्षण:-
◆ तीन हफ्ते से ज़्यादा खांसी आना।
◆ बुखार(खास तौर पे शाम के वक़्त)।
◆ छाती में तेज़ दर्द ।
◆ वजन का अचानक घटना।
◆ भूख में कमी आना।
◆ बलगम के साथ खून का आना।
◆साँस लेने में परेशानी का होना।





टीबी के फैलने का कारण:-
टीबी से संक्रमित रोगियों के कफ,छींकने, खाँसने, थूकने और उनके द्वारा छोड़ी गयी साँस से वायु में बैक्टेरिया फ़ैल जाते हैं,जो घंटों तक हवा में रह सकते हैं,जिसके करान स्वस्थ व्यक्ति भी आसानी से इसकी चपेट में आ जाता है, हालाँकि संक्रमित व्यक्ति के कपडे छूने या हाथ मिलाने से टीबी नही फैलता।





बचाव:-
● दो हफ्ते से अधिक समय तक खाँसी रहती है तो बिना लापरवाही किए चिकित्सक से संपर्क करें।
● संक्रमित व्यक्ति के आसपास बिना मास्क लगाए न जाएं और न ही उसके तौलिये या बिस्तर का उपयोग करें।
● इस रोग से बचाव के लिए पर्याप्त पौष्टिक आहार लें जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली मज़बूत बानी रहे।
● टीबी के मरीज़ों को मास्क पहन कर रखना चाहिये और सार्वजानिक चीज़ों का प्रयोग नही करना चाहिए जिससे की आस पास के लोगों को संक्रमण न होने पाए।
" टीबी के इलाज के लिए जल्द से जल्द चिकित्सक से संपर्क करें , इस बीमारी का इलाज संभव है अतः डॉक्टर की बताई हुई बातों को महत्व देते हुए इलाज में लापरवाही न बरतें।"


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